Friday, February 3, 2023

दुनिया की सबसे छोटी हवाई यात्रा !


53 कभी किया है 53 सेकंड की हवाई यात्रा:- दुनिया के कुछ ऐसे देश जिनके बारे में जान पाना हर किसी के वस की बात तो नहीं है लेकिन उन देशो के रहस्यों को जानना आपके लिए बेहद ही जरूरी हो जाता है। तो चलिए आज हम आपको एक ऐसे देश के बारे में बताने जा रहे है जहां के एरोप्लेन इतनी ज्यादा छोटी है कि उसे टेक ऑफ के बाद गंतव्य तक पहुंच कर लैंड करने में मात्र 53 सेकेंड का समय लगता है। जी हां आपने सही सुना। यह देश कोई और नहीं बल्कि स्काॅटलैंड है। हलांकि इसमें सबसे बड़ी बात ये है कि यह एक  कमर्शियल उड़ान होती है और यहां हर रोज कई यात्री इस फ्लाइट का सहारा लेकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं।

कहाँ होती है सबसे छोटी हवाई उड़ान कितना है किराया ?

दरअसल, स्कॉटलैंड के दो टापूओं के बीच ये हवाई जहाज उड़ान भरता है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि इन दोनों के बीच कोई पुल नहीं है। इनके बीच का समुंदर इतना पथरीला है कि यहां नाव चलाना भी बहुत मुश्किल है। इस वजह से एक टापू से दूसरे टापू पर जाने के लिए यात्री इस हवाई जहाज का सहारा लेते हैं। इस फ्लाइट को लोगान एयर ऑपरेट करती है, जो करीब 50 सालों से यहां सर्विस दे रही है। इस सर्विस को पाने के लिए यात्री को 14 पाउंड देने पड़ते है। यानी भारतीय मुद्रा के हिसाब से 1815 रूपए के आसपास आएगा।

स्कॉटलैंड के दो टापू वेस्ट्रे और  पापा वेस्ट्रे

 

हालांकि, स्कॉटलैंड के हिसाब से यह किराया बेहद कम है। दरअसल, यहां की सरकार इन दोनों टापूओं पर रहने वाले लोगों को इस प्लेन किराए में सब्सिडी देती है, जिसकी वजह से इन लोगों को किराया कम देना पड़ता है। आपको बता दें इन दोनों टापूओं पर लगभग 690 लोग रहते हैं। जिसमें पहला टापू का नाम  वेस्ट्रे और दूसरे टापू का नाम पापा वेस्ट्रे है। पहला टापू पर 600 लोग मौजूद है। तो वहीं दूसरे टापू पर 90 लोग रहते है। लेकिन अगर इस छोटी फ्लाइट की बात करे तो इसमें 8 लोग ही सवार हो सकते है। यहां रहने वाले लोगों का ज्यादातर गुजारा टूरिज्म से होता है। दुनियाभर से लोग इस छोटी उड़ान का हिस्सा भरने आते हैं। 


किसी को भनक नहीं लगा,4 साल मॉल में रहा शख्स !


सिक्रेट रूम राहत था 4 सालों तक किसी पता नहीं चला:- लोगों के कुछ ऐसे करनामे जिसे देखकर आप भी हो जाएगे हैरान। क्योंकि एक भाईसाहब ने अपने दिमाग से कुछ ऐसा हैरतअंगेज करनामा किया है जिसकी भनक लोगो को 4 साल बाद लगी है। दरअसल, यह शख्स अमेरिका के एक माॅल में सीक्रेट घर बनाकार चार साल तक उसमें रहा और लोगो को कानो कान तक खबर नहीं मिली। फिर एक दिन उसका भंडाफोड़ हो गया। जब उसका भंडाफोड़ हुआ, तो उस पर अपराधिक मामले दर्ज किए गए।

2003 मे बेघर हो गया था आर्टिस्ट माइकल

आरोपी की पहचान 52 साल के आर्टिस्ट माइकल टाउनसेंड के तौर पर हुई है। ये घटना अमेरिका के रोड आइलैंड की है। माइकल शहर की ऐतिहासिक मिल इमारत में रहा करता था। इसे साल 2003 में किसी ने खरीद लिया और माइकल बेघर हो गया। बिल्डर ने कहा कि वह इस इमारत को दोबारा बिकसित करेगा। इसके बाद माइकल इसी बिल्डर के अन्य प्रोजेक्ट्स को देखने गया। जिनमें प्रोविडेंस प्लेस मॉल का निर्माण शामिल था। उसे पता चला कि बिल्डिंग में ही एक सीक्रेट जगह है, जिसे कोई इस्तेमाल नहीं करता। इसी पल माइकल ने सोच लिया कि एक आर्टिस्ट होने के नाते अब इसे सुधारने की जिम्मेदारी उसकी है। वह यहां चार साल तक रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, यह माॅल 13 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें 9 मंजिले है। इसी बीच माइकल ने 750 स्क्वायर फीट में फैली इस सीक्रेट जगह को विकसित करना शुरू कर दिया। 

मॉल के सीक्रेट रूम मे राहत था आर्टिस्ट माइकल

इसमें खिड़कियां नहीं थीं। इसमें छोटा सा घर बनाया गया। वह इस छोटे से घर में सोफा समेत अन्य जरूरी सामान लेकर आया। माइकल से गलती ये हो गई कि वो चीन के एक आर्टिस्ट को दिन के समय अपना घर दिखाने के लिए ले आया था। इसी के कारण किसी ने इन्हें देख लिया। तब माइकल घर पर नहीं था। हालांकि इसके बाद ऐसा हुआ, जब माइकल घर पर ही था, उसी समय पेट्रोलिंग वाले वहां आ गए। तब इन्हें ये जगह खाली करके जाना पड़ा।


Thursday, February 2, 2023

अनशन पर क्यों उतरे थ्री इडियट्स के रैंचो ?

 

रैंचो ने किया भूख हड़ताल:- बाॅलीवुड के सुपरहिट फिल्म थ्री इडियट्स के एक किरदार के प्रेरणास्रोत और पेशे से इंजिनियर सोनम वांगचुक लद्दाख में समाज सुधार के काम करते हैं। सोनम का अपना एक यूट्यूब चैनल है। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो डाला। जिसमें उन्होंने टाइटल रखा है। ऑल इज़ नॉट वेल इन लद्दाख। वीडियो में सोनम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लद्दाख की सुरक्षा सुनिश्चित करनी की अपील की है। 

सोनम वांगचुक ने किया पांच दिन की पर्यावरण भूख हड़ताल !



अपील के साथ उन अध्ययनों का हवाला दिया, जिसमें ये बात है कि लद्दाख में लगभग दो-तिहाई ग्लेशियर विलुप्त हो रहे हैं। इसके लिए सोनम वांगचुक पांच दिन की पर्यावरण भूख हड़ताल भी किए हैं। 26 जनवरी से ये हड़ताल शुरू हो गई थी जिसका समय अब समाप्त होने जा रहा है। इसी बीच वांगचुक ने कहा, आज मेरा सांकेतिक कार्बन निरपेक्ष जलवायु अनशन का आखिरी दिन है और इसमें शामिल होने वाले लोगों का शुक्रगुजार हूं। यह अनशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान आकर्षित कराने के लिए था ताकि हमारे नेता उन्हें उनकी चिंताओं और मांगों के बारे में बता सकें। वांगचुक ने कहा कि ग्लेशियर समेत हिमालय की रक्षा ज्यादा अहम होनी चाहिए बजाय कुछ कॉरपोरेट की खुशी क्योंकि इसका सीधा प्रभाव उप महाद्वीप के लोगों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा, सरकार को हिमालय के पर्यावरण के लिए फ्यूचर ओरिएंटेड योजना बनानी चाहिए। 

सोनम ने अंतिम सांस तक अनशन करने का लिया फैसला 

उसे लद्दाख को संविधान की छठी अनूसूची में शामिल करने के वादे को पूरा करना चाहिए। वांगचुक ने धमकी दी कि अगर सरकार की ओर से जवाब नहीं आएगा तो वह अपना विरोध प्रदर्शन तेज करेंगे। उन्होंने कहा, यह महज सांकेतिक विरोध था लेकिन जवाब नहीं मिला तो मैं 10 दिनों के लिए अनशन करूंगा, उसके बाद 15 दिनों का और फिर अंतिम सांस तक अनशन करूंगा। एपेक्स बॉडी के अध्यक्ष और पूर्व सांसद थुपस्तान चेवांग ने घोषणा की कि लद्दाख की पहचान और संस्कृति की रक्षा करने में सरकार की असफलता के खिलाफ 31 जनवरी को विशाल रैली निकाली जाएगी।


Wednesday, February 1, 2023

पीएम मोदी के गुरु के आश्रम पहुंचे विराट-अनुष्का !

 

इन दिनो भारतीय कप्तान विराट कोहली क्रिकेट  से दूर है। और वे अब हाल ही में अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ धर्म यात्रा पर निकले हुए है। इसी बीच दोनो अपनी बेटी वामिका के साथ  ऋषिकेश पहुंच गए हैं। विराट कोहली और अनुष्का स्वामी दयानंद गिरि आश्रम में पहुंचे हैं। जहां स्वामी दयानंद गिरि पीएम नरेंद्र मोदी के गुरू थे। बताया जा रहा है कि विराट कोहली और अनुष्का धार्मिक अनुष्ठान के सिलसिले में यहां पहुंचे हैं। इसी कड़ी में अनुष्का और विराट अपनी बेटी वामिका के साथ यहां पंहुचकर ब्रह्मलीन दयानंद सरस्वती की समाधि के भी दर्शन किए। साथ ही गंगा घाट पर संत-पंडितों के साथ गंगा आरती भी की है। आपको बता दे कि सितंबर 2015 मे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी अपने आध्यात्मिक गुरु स्वामी दयानंद गिरि से मुलाकात करने यहां पहुंचे थे। तभी से यह आश्रम और अधिक विख्यात हो गया है। बताया जा रहा है कि वह पूजा अर्चना के बाद आश्रम में एक सार्वजनिक धार्मिक अनुष्ठान कर भंडारे का भी आयोजन करवाएंगे।

आध्यात्मिक नगरी पहुंचे विराट और अनुष्का

सूत्रों की मानें तो विराट और अनुष्का आगामी ऑस्ट्रेलिया सीरीज में भारत के अच्छे प्रदर्शन के लिए मां गंगा का आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा लेने के लिए ऋषियों की आध्यात्मिक नगरी में पहुंचे हैं। हलांकि इसके पहले विराट और अनुष्का वृदावन धाम भी गए थे। उस दौरान तीनो ने वृंदावन में श्री परमानंद जी का आशीर्वाद लिया था। वृंदावन से लौटने के बाद कोहली ने श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में कमाल का खेल दिखाया था। अब कोहली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भाग लेंगे, जिसकी शुरुआत 9 फरवरी से हो रही है। इस सीरीज में कोहली के अहम रोल निभाने की उम्मीद है।


खेलने कूदने की उम्र मे 8 साल के बच्चे ने बनाया ऐप !

 

मनुष्य के जीवन में पढ़ाई एक ऐसी महत्वकांक्षा है, जो ज्ञान से एक अच्छे व्यक्तित्व का निर्माण होता है, कुछ बच्चों का पढ़ाई में खूब मन लगता है, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो हमेशा पढ़ाई से दूर भागते हैं, लेकिन खैर आज हम जिस बच्चे की बात करने जा रहे है उसका दिमाग शायद आइंस्टीन से कम नहीं है। जी हां आपने सहीं सुना। दरअसल, हाल ही में भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुल 11 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया। उनमें से एक बेंगलुरु के 8 वर्षीय ऋषि शिव प्रसन्ना भी थे। प्रसन्ना ने एंड्रॉइड ऐप स्टोर के लिए तीन ऐप विकसित करने के लिए पीएम राष्ट्रीय बाल पुरस्कार जीता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, उनका आईक्यू लेवल 180 है जो हमारे वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के आईक्यू लेवल से भी अधिक है।

अल्बर्ट आइंस्टीन से भी ज्यादा है इस बच्चे का आईक्यू लेवल 

सबसे कम उम्र के ऐंड्रॉयड डेवलपर्स में से एक प्रसन्ना ने एलिमेंट्स ऑफ अर्थ नामक किताब भी लिखी है। जहाँ प्रसन्ना का आईक्यू लेवल 180 है। वहीं वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के आईक्यू लेवल 160 ही था। प्रसन्ना मेन्सा इंटरनेशनल के सबसे कम उम्र के सदस्यों में से एक हैं। वह करीब चार साल के ही उम्र में मेन्सा इंटरनेशनल में शामिल हो गए थे। लेकिन उनके करनामे यही सीमित नहीं है। वल्कि वो दो साल की उम्र में पढ़ना सीख लिया था। जबकि एक साधारण बच्चा तीन साल की उम्र मे पढ़ना शुरू करते है। इतना ही नहीं प्रसन्ना सौर मंडल, ब्रह्मांड, ग्रहों, आकृतियों और संख्याओं के बारे में खूब जानते हैं। उन्होंने बताया कि मैंने 5 साल की उम्र में कोडिंग सीखी, और अब मैंने कई यूजर.अनुकूल ऐप विकसित किए हैं। 

इस बच्चे के कारनामे सुनकर हो जाएंगे हैरान

मैं एक वैज्ञानिक बनना चाहता हूं जो धरती की रक्षा में मदद करे। बता दें कि प्रसन्ना सबसे कम उम्र के Google सर्टिफाइड Android डेवलपर्स में से एक हैं। उन्होंने बच्चों के लिए आईक्यू टेस्ट ऐप दुनिया के देश और सीएचबी बनाए हैं। इतना ही नहीं पांच साल की उम्र में ही, प्रसन्ना ने जेके राउलिंग की पूरी हैरी पॉटर सीरीज पढ़ डाली। बता दें कि ये किताब एक लाख से अधिक शब्दों में है साथ ही इसके सात भाग हैं। पढ़ने के अलावा उन्हें लिखने में भी काफी दिलचस्पी है। वह पहले ही 2 किताबें लिख चुके हैं।


Monday, January 30, 2023

धोखाधड़ी करने वाले को 420 ही क्यों कहते हैं ?

 

बेईमान इंसान को क्यों कहते है 420:- जब भी हम किसी बेईमान इंसान के बारे में सुनते है। या जो इंसान दूसरे के साथ छल कपट करता हो तो, हमारे मुह से एक ही बात निकलती है 420 इंसान है। ये हमें अक्सर कहावत सुनने को मिल जाती है लोगो के बारे में जोकि ऐसे होते है। लेकिन आपको पता भी है कि ये कहावत आखिर कैसे बन गई और आखिर इसे 420 ही क्यों कहा जाता है। उसकी बजह दरअसल, ये है दोस्तो कि भारतीय संविधान में इसका एक पूरा कानूनी वजूद है। जोकि 420 भारतीय दंड संहिता की एक धारा होती है। जिसे किसी ऐसे शख्स पर चिपकाया जाता है जो दूसरों को धोखा दे, बेईमानी करे या झांसे में लेकर किसी की संपत्ति हड़प ले।

बेईमानी या धोखाधड़ी करने पर लगती है धारा 420 

420 संख्या को अंग्रेजी के शब्द Cheating  से जोड़ा जाता है। इससे साफ होता है कि संख्या 420 धोखा, बेईमानी और छल-कपट से जुड़ी है। इसीलिए जब कोई धोखा या बेईमानी करता है तो लोग उसे 420 कहकर पुकारते हैं। कानून के मुताबिक, धारा 420 के बारे में बताया गया है कि अगर कोई व्यक्ति किसी के साथ धोखा या छल कपट करता है तो उसके खिलाफ धारा 420 लगाई जा सकती 

धारा 420 लगने पर हो सकती है 7 साल तक की सजा 

भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के अपराध के तहत अधिकतम 7 साल की सजा और साथ ही आर्थिक दंड का भी प्रावधान है। धारा 420 में दोषी पाए जाने पर यह गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। यानी ऐसे मामलों में थाने से जमानत नहीं मिलती है, इसकी सुनवाई खुद जज करते हैं। हालांकि, इस अपराध में अदालत की इजाजत से पीड़ित व्यक्ति समझौता भी कर सकता है। इस तरह के केस की सुनवाई प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट की अदालत में होती है।


Sunday, January 29, 2023

कौन है देश का सबसे पसंदीदा मुख्यमंत्री ?

 

लोगों के पसंदीदा मुख्यमंत्री:- देश में कोरोना महामारी और किसान अंदोलन को लेकर जारी उथलपुथल के बीच एक ताजा सर्वे में बताया गया है कि देश के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे लोकप्रिय सीएम बनने का खिताब हासिल किया हैं। दरअसल, कुछ ही दिनो पहले इंडिया टुडे ने एक सर्वे करवाया था जिसमें देश के अलग अलग राज्यों में वहां की सरकार के साथ साथ बेस्ट परफॉमिंग चीफ मिनिस्टर को लेकर सवाल पूछा गया था। जिसमें योगी आदित्यनाथ का जलवा देखने को मिला। इंडिया टुडे के सर्वे में सबसे ज्यादा यानी 39 फिसदी लोगों ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पंसद किया गया है, और उनका मानना है कि वे अन्य मुख्यमंत्रीयों से ज्यादा काम कर रहे है। वहीं इस सर्वे में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम दूसरे स्थान पर है। 

सर्वे के दौरान जानिए कौन हैं लोगों के पसंदीदा प्रधानमंत्री 

सर्वे में शामिल लगभग 16 फिसदी लोगों ने उन्हें बेस्ट परफॉमिंग मुख्यमंत्री माना है। इस सर्वे में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री का नाम भी सामने आया है। जो 7 फिसदी लोगों ने इन्हें अच्छा माना है। उस हिसाव से वे तीसरे स्थान पर आते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा सर्वे क्यों करायी गई थी। तो मै आपको बता दू कि , अगले दो तीन महीनो में बंगाल में चुनाव होने वाले है और जनता ने बताया कि ममता बनर्जी, योगी आदित्यनाथ और अरविंद केजरीवाल के बाद बेस्ट परफॉमिंग  मुख्यमंत्री है। इस दौरान बेहतर प्रधानमंत्री कौन है, इसको लेकर भी सवाल पूछा गया। जिसमें 47 प्रतिशत लोगों ने नरेंद्र मोदी को सबसे बेहतर पीएम माना। वहीं 16 फीसदी लोगों  ने अटल बिहारी वापजेपी, 12 फीसदी लोगों ने इंदिरा गांधी और 8 फीसदी लोगों ने मनमोहन सिंह को बेहतर प्रधानमंत्री बताया। इससे साफ है कि लोगों के बीच नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता सबसे अधिक है।